Tuesday, February 8, 2011

शारदा-वन्दना (Śāradā -Vandanā) Manohar Meher

Salutations to Goddess Śāradā

Śāradā -Vandanā (Oriya Song)
By Poet Manohar Meher
(Extracted from the Book ‘ MANOHAR- PADYĀVALĪ ’ published in 1985)
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शारदा-वन्दना (ओड़िआ गीत)
रचयिता : कवि मनोहर मेहेर
(‘मनोहर-पद्यावली’ पुस्तकरु गृहीत)

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बन्द‍इँ शारदा मागो बिष्णुङ्क बनिता,
श्वेत-पद्मासनी देबी बिधाताङ्क सुता । (१)

ओंकार-सम्भूता मागो बामा मध्ये जिता,
कबिजनमानङ्कर बरदात्री माता । (२)

सप्त स्वरे बीणा-नादे मोहु बिष्णु-मन,
गान्धार रागे आळाप करु तान मान । (३)

तोर सुप्रसादे मूर्ख हुअ‍इ सुकबि,
झङ्कड़-बासिनी मागो श्रीशारळा देबी । (४)

भक्ति- उपहार घेन पद दिअ मात !
कहे मनोहर शिरे य़ोड़ि बेनि हात । (५)

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सरस्वती-वन्दना (Sarasvatī -Vandanā) Manohar Meher

Salutations to Goddess Sarasvatī

Sarasvatī -Vandanā (Oriya Song)
By Poet Manohar Meher
(Taken from the Book ‘MANOHAR - PADYĀVALĪ ’ published in 1985)
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सरस्वती-वन्दना (ओड़िआ गीत)
रचयिता : कवि मनोहर मेहेर
(‘मनोहर-पद्यावली’ पुस्तकरु गृहीत)
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मा शारदे !
बिराजिछु सबुरि हृदे ॥
(पद)

तो बिना आन नाहिँ
जगत मध्ये केहि
अज्ञान-नाशिनी बरदे ॥ (१)

मात बिष्णु-बल्लभी
पुराण कलु भाबि
तो तहुँ कबि भबे उदे ॥ (२)

ॐकारु तो जनम
मोहिलु नारायण
बीणा सपत स्वर नादे ॥ (३)

बयाळिश रागर
अछि य़ा अधिकार
तान मान गान आह्लादे ॥ (४)

कह‍इ मनोहर
कपाळे य़ोड़ि कर
मो चित्त थाउ तोर पादे ॥ (५)

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